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Sardar Patel/सरदार पटेल - Madhusudan Singh
आजादी के वीर सपूतों,पूर्वज पर अभिमान करूँ, किन शब्दों से करूँ अलंकृत,किनसे मैं गुणगान करूँ। कितने ऐसे लाल वतन हेतू रण में थे कूद गए, लानत हम पर कैसे उन वीरों को हमसब भूल गए, कैसे हुए पटेल किसी एक दल की ग्लानि होती है, कैसे गाँधीजी पर एक दल की मनमानी होती है, लौह …