madhureo.com
Quote..37 - Madhusudan Singh
लड़खड़ाए कदम तो,सम्हल जाऊँगा, अगर गिरा भी तो जल्द ही उठ जाऊँगा, खुद घोड़े पर सवार मुझे क्या डराते हो, ऐ बुलन्दी पर रहनेवाले चलना अब तुम सीखो, मैं तो रेंगता हूँ ,डरना अब तुम सीखो, तमन्ना है मिट जाने की,मिटकर दिखाएंगे, एक नहीं लाखों में तुमको नजर आएंगे, ऐ मेरे मौत का इंतजाम करनेवालों, …