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PULWAAMA/पुलवामा - Madhusudan Singh
Image Credit : Google किसी की बगिया वीरान हो गयी, चेहरे से किसी की मुस्कान खो गयी, मतलब नहीं दर्द कैसा किसी को, पुलवामा भी सत्ता के नाम हो गयी| अचरज नहीं ना कोई गम हमें है, मिटे थे मिटेंगे यही प्रण किए हैं, सिंघासन मुबारक,वतन हमको प्यारा, उन्हें क्या खबर कौन बिछड़ा हमारा, जख्म …