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Prem Pujari - Madhusudan Singh
Image Crefit : Google परी नहीं हो इंद्रलोक की, चाह ना फूलकुमारी का, चाहत है ना चाँद का मुझको, तुम बिन जीना प्यारी क्या, जब तक तू है साथ में मेरे, तू हमसफ़र हमारी है, तब तक कविता गान करेंगे, जबतक जान हमारी है। उपवन में हैं फूल खिले, मकरंद भ्रमर को भाते हैं, महक …