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MULAKAT - Madhusudan Singh
IMAGES CREDIT : GOOGLE कल उनसे हमारी मुलाकात हो गयी, बात बर्षों की थी फिर से याद हो गयी। दर्द घटती नहीं,प्रेम मिटती नहीं, लाख चाहो मगर, प्रेम छुपती नहीं, चार आँखों से फिर बरसात हो गयी, बात बर्षों की थी फिर से याद हो गयी। होठ थे बंद पर सब नजर कह गए, उनकी …