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MERE GANESHA/मेरे गणेश - Madhusudan Singh
Image Credit : Google किसके क्या तुम नही जानते, केवल मूरत नही मानते, जनम-जनम का सेवक मैं,तूँ आका,प्रभु,प्राणेश, ऐ विघ्नेश, कर तूँ दूर हमारे सारे कष्ट,क्लेश, ऐ विघ्नेश। तुम गौरी के प्राण प्यारे, विघ्नेश्वर तुम, कहते सारे, रिद्धि-सिद्धि के तुम हो दाता, बल,बुद्धि,धन,जन सुखदाता, एकदन्त,हे महाकाय हैं तेरे पिता महेश, ऐ विघ्नेश, कर दे दूर …