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Maharana Pratap ( Part-2) - Madhusudan Singh
Click here to read part ..1 Image Credit : Google पराधीन रहना ना जाना, जीते जी वह हार ना माना, त्याग सुख महलों की जिसने,खाई रोटी घास की, दोहराता हूँ कथा वीर उस महाराणा प्रताप की|२| जयवंता माँ,पिता उदय सिंह कुम्हलगढ़ स्थान, पन्द्रह सौ चालीस नौ मई को जन्मा वीर महान, धन्य तिथि वह शुभदिन …