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Maa/माँ - Madhusudan Singh
Image Credit : Google जिसका अपना अरमान नहीं, क्या कष्ट उसे कुछ भान नहीं, जिसके दिल केवल प्रेम भरे, आँखों से केवल स्नेह बहे, उर में अमृत का सागर हो, वात्सल्य भरा महासागर हो, कोई और नहीं वह माँ ही है, कल जैसी थी वैसा ही है, ऐसी ममता कहीं और नहीं, माँ से बढ़कर …