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LADKHADAATE KADAM/लड़खड़ाते कदम - Madhusudan Singh
किसी के दिल मे बसकर दिल्लगी अच्छी नही होती, सभी को प्यार मिल जाए वो किस्मत भी नही होती, प्रेम काबा प्रेम काशी प्रेम दुनियाँ की सब दौलत, प्रेम ही रब है छलकर जिंदगी अच्छी नहीं होती, किसी के दिल मे बसकर दिल्लगी अच्छी नही होती। सफर में लाखों काँटे हैं जो बनकर फूल बैठे …