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KUCHH TO HAI/कुछ तो है - Madhusudan Singh
Image Credit : Google कितनी उम्मीद थी तेरे रूठ जाने के बाद भी, मुड़कर भी ना देखा मेरे मनाने के बाद भी, चैन,सुकून,नींदे,मुस्कान सब ले गए मगर, कुछ तो है जो छूट गया तेरे जाने के बाद भी। काश जो भी छोड़ दिया,छोड़ नहीं जाते, कबाड़ी थे कण-कण बटोर लिए जाते, तो हम भी मुस्कुराते,भूल …