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KAISI CHINTA/कैसी चिंता - Madhusudan Singh
Image Credit Google इस पार नशा है जीवन का उस पार न जाने क्या होगा, हँसना,रोना इस पार मगर उस पार न जाने क्या होगा। सब उत्सुक हैं अनजान जिगर, है कौन जहाँ भगवान किधर, ये मृत्युभूमि तो स्वर्ग कहाँ, क्यों हमने ली है जन्म यहाँ, क्या तन सच्चा या श्वांस मेरा, क्या जग सच्चा …