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KAISI NIRBALTA/कैसी निर्बलता - Madhusudan Singh
Image Credit :Google रब से पल-पल क्या मांग रहे, खुद को निर्बल क्यों मान रहे, क्यों बैठ गए हो मौन तुझे क्या गम बोलो इंसान रे, खुद से ज्यादा ताकत दे भेजा तुमको भगवान रे।। गिरते वही जो चढ़ते हैं, कब पुरुषार्थी डरते हैं, पर्वत,सागर,बियाबान जंगल में राहें गढ़ते हैं, एक चूक धम गिरे धरा …