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jindagi - Madhusudan Singh
Image credit: Google किये क्या अभी तक हिसाब मांगती, जिंदगी हमारी जवाब मांगती।। पैरों पर जब से हुए हम खड़े, हंसने,हँसाने की जिद पर अड़े, रुके कब,हँसे कब ना कुछ भी खबर, सभी को हँसाने में हम बेखबर, थके आज तब मुड़ के देखा मगर, हैं अपने बहुत पर किसे है खबर, इसी दर्द का …