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ISHWAR SATYA HAI..1 - Madhusudan Singh
जो दिखता है वही सत्य, एवम न दिखनेवाली वस्तु असत्य कैसे, आसमान में तो अनगिनत तरंगे विद्यमान है मगर हम उन्हें देख नहीं पाते, इसका मतलब ये तो नहीं कि तरंगे नहीं हैं, अगर टीवी,रेडियो नहीं होते तो हम ज्ञानी शायद उसे भी नकार देते, ज्यादा ज्ञानवान लोग हर चीज का प्रमाण माँगते हैं चाहे …