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IJEHAAR PYAR KA - Madhusudan Singh
तेरा गुस्सा क्या मुश्काना सब कमाल हो गया, सच कहते हैं तुमसे यारा,हमको प्यार हो गया। तुमको देखूँ लगता ऐसे, चाँद जमी पर आया जैसे, क्या तारीफ करूँ मैं तेरी, दिल का हाल सुनाऊँ कैसे, तेरे बादल जैसे बाल, डिम्पल दिखती हँसते गाल, मृगनयनी ये तेरी आंखे, जैसे झील हो नैनीताल, उसमे डूब गया मन …