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GHUNGHAT - Madhusudan Singh
Image Credit :Google लाखों खुशियाँ ख्वाब सजे जब तूँ घर आई घूंघट में, जीने के अरमान जगे जब नजर मिलाई घूंघट में। इंतजार शिद्दत का मुद्दत गुजरे ये दिन आने में, डर है गुजर ना जाये ये पल आज भी तुझे मनाने में, याद हमें वो पल अब तक, क्या खुलकर तुम मुस्काई थी, सुर्ख …