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Delusion/भ्रांति - Madhusudan Singh
Image Credit : Google हमे कील पल-पल चुभाने लगे थे, सबक जिंदगी का सिखाने लगे थे। हँसी जिंदगी मस्तमौला सफर था, किसे गम कहें कुछ ना हमको खबर था, कोई पास आता,मदद को बुलाता, सहारा बना सबके ही काम आता, उन्हें भी मदद की जरूरत थी शायद, मगर थी झिझक बात करने से शायद, नजर …