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DAHSHAT KAISI JANGAL MEN..? - Madhusudan Singh
हिरण के संग शेर चला है, चीते के संग भेड़ चला है, चले संग कीटों के गिरगिट दहशत कैसी जंगल में। चले एक पथ चीते-भालू हलचल कैसी जंगल में। जंगल का कानून अचंभित, बना बाघ भी कैसे पंडित, नेवले के संग विषधर कैसे संग चले हैं जंगल में, चले एक पथ चीते-भालू हलचल कैसी जंगल …