madhureo.com
BHONDUMAL/भोंदूमल - Madhusudan Singh
Image credit : Google कैसा सिर पर सनक सवार, राजनीत का चढ़ा बुखार, हार गए समझाकर फिर भी, समझ सका ना मेरा यार, नेता बन तैयार खड़ा जी,मेरा साथी भोंदूमल, राजनीत की राह चला जी,मेरा साथी भोंदूमल। जिसे झूठ कहने ना आता, राजनीत आसान नहीं, जिसे बेहुद्दे बोल न भाता, उसका फिर ये बाग नहीं, …