madhureo.com
Beti ka Janm                                   (Part1) - Madhusudan Singh
एक डाल पर गुलशन में दो कलियाँ है मुश्कायी, बधाई हो बधाई घर में जुड़वा बिटिया आई। बिन बिटिया का आँगन सुना, बिन बहना के भाई, बिन घरनि घर भूत बसे, बहना बिन सुनी कलाई, सावन था सुना बरसों से, खुशियों की बरसात हुई, दो पुश्तों के बाद जहाँ की, रौनक घर में खास हुई, …