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LALKAAR HO/ललकार हो - Madhusudan Singh
Image Credit : Google. शोक नहीं अब तीर चाहिए,नँगा अब शमशीर चाहिए, खौल रहा है खून न्याय मांगे,जो खोया वीर चाहिए। घूम रहे हैं घर में ही गद्दार जी, प्रेम की भाषा अब सारे बेकार जी, दिल में जिनके भारत बसता, उनका मान बढ़ाना होगा, जिनके दिल में पाक बसा है, उनको सबक सिखाना होगा, …