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Ankahaa Prem - Madhusudan Singh
Image Credit :Google तुम जीती मैं हार गया,फिर भी तू देख मैं हँसता हूँ, तुम रोती जब मंजिल पाकर,मैं खोकर फिर रोता हूँ। कुछ पाने की जिद थी तेरी सफर बीच में छूट गया, आँखों से सैलाब बहे पर, तेरा दिल ना भींग सका, तेरी दुनियाँ आसमान में,मैं धरती पर सोता हूँ, तुम रोती जब …