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ASHAA/आशा - Madhusudan Singh
Image Credit: Google गरीबों की कोई जाति नही होती मगर यहाँ, बिना जातियों के गरीबों की बात नही होती, गजब की शोर मची है, तख्त पर बैठी सरकार पर, ऐसे जैसे यहाँ कोई, निक्कमी सरकार नहीं होती। उजले केश और, धुंधली दृष्टि लिए हम भी सदियों से, देख रहे हैं मूक दर्शक की तरह मगर …