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Ardhangini/अर्धांगिनी - Madhusudan Singh
Image Credit : Google आँखों का काजल बोल रही, आँखों में मुझको रहने दो, दिल की धड़कन भी बोल उठी, साँसों में मुझको रहने दो, है तेरी हर एक मस्त अदा, को देख मयूरे ठिठक गये, लहराती जुल्फों के आगे, नभ-मेघ मचलना भूल गये, ये इतराना,क्या शर्माना, क्या अदा तुम्हारी,मुस्काना, मदहोश हुआ अब होश कहाँ, …