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ALGAAV/अलगाव - Madhusudan Singh
हम झूठे नही,मगर कभी-कभी झूठ भी बोलते हैं, जानते हैं,तुम सच कभी सुन नहीं सकते, और हम तेरे वगैर जी नही सकते, जी भी लूँ तो कोई वजूद नही। बहुत कुछ मिट गए तेरे-मेरे दरमियाँ, मगर एक चीज आज भी जिंदा है, तुम कभी जिद्द नही छोड़ते जुदा होने की और हम, कभी उम्मीद नही …