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दिया है तो जलूँगा भी, जलूँगा तो बुझूंगा भी – प्रमोद तिवारी
कि जो कहना है कहूँगा भी, जो करना है करूँगा भी अंधेरो को खलूँगा भी, हवाओं से लडूंगा भी न सोचा है मिला क्या है, न सोचूंगा मिलेगा क्या दिया है तो जलूँगा भी, जलूँगा तो बुझूंगा भी अँधियारा है बहु…