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बढ़े चलो -बढ़े चलो
बढ़े चलो -बढ़े चलो ! प्रचंड वेग से चलो , अनन्त जिगीषा लिए सत्य पे अड़े चलो ! गजारि सी दहाड़ से सिंहनाद घोर कर, दंभ कीर्ण कूट -कर सूर से बढ़े चलो !! न चाटुकारिता सहो न अपचार को सहो, न अर्थना करो यहाँ स्व…