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अगस्त हो या सितम्बर, बच्चे तो मरते ही हैं
गोरखपुर की त्रासदी को अभी बहुत ज्यादा दिन नहीं बीते हैं, घाव अभी भी हरा है, सांस अभी भी फूली है, दर्द अभी भी बेशुमार है; और साथ ही साथ यह भी याद है कि कैसे उपचार में हुई लापरवाही और कमिशनखोरी पर लग…