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मैं चलता – उदयशंकर भट्ट
‘मैं चलता मेरे साथ नया सावन चलता है, मैं चलता मेरे साथ नया जीवन चलता है। उत्थान पतन-कंदुक पर मैं गिरता और उछलता, सांसों की दीपशिखा में लौ सा यह जीवन जलता, धूमायित अगुरु सुरभि-सा मैं छीज रहा प…