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रंगों से रंगी दुनिया – संजय वर्मा ‘दृष्टि’
मैने देखी ही नहीं रंगों से रंगी दुनिया को मेरी आँखें ही नहीं ख्वाबों के रंग सजाने को | * कोंन आएगा ,आखों मे समाएगा रंगों के रूप को जब दिखायेगा रंगों पे इठलाने वालों डगर मुझे दिखावो जरा च…