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ईसुरी की अलौकिक फाग नायिका रजऊ और बुन्देली परम्पराएँ – आचार्य संजीव वर्मा ‘सलिल’
बुन्देली माटी के यशस्वी कवि ईसुरी की फागें कालजयी हैं. आज भी ग्राम्यांचलों से लेकर शहरों तक, चौपालों से लेकर विश्वविद्यालयों तक इस फागों को केंद्र में रखकर गायन, संगोष्ठियों आदि के आयोजन किये जाते …