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मेरी डायरी के कुछ पन्नें – शक्ति सार्थ्य
1-) कुछ भी कहना ये साबित नहीँ करता कि मैँ वो हूँ… मेरा होना स्वाभाविक है… अक्सर उदास हो जाता हूँ… ये मेरे लिए होना… आप समझ लो कि मैँ स्वंय से नाराज हूँ… मैँ अपने आप से…