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की अब जो
की अब जो इस कदर किया तूने नाचार है, खुदपे क्या, खुदा पे कोई ना अब ऐतबार है। की अब जो मालुम हुआ तेरे प्यार का बाजार है, बे-नक़ाब हुआ तेरा पर्दा-इ-असरार है। की अब जो हर दिन जन-इ-अफ़्कार है, तुझसे क्या,…