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डर लगता है…
डर लगता है तुम्हें बताने में वो जो हमारे बीच तासीर-इ-इज़हार था, न जाने तुम्हें उसका एहसास हो या न हो। डर लगता है तुम्हें समझाने में वो जो हसीं लम्हे से थे कुछ गिले-शिकवे, न जाने तुम्हें सुनने की चाह…