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क्यों करते हो गरूर अपनी ठाठ पर। ⋆ KMSRAJ51-Always Positive Thinker
Kmsraj51 की कलम से….. ϒ क्यों करते हो गरूर अपनी ठाठ पर। ϒ “क्यों करते हो गरूर- अपनी ठाठ पर।” मजाक उड़ाते हो हर किसी का- हर बात पर। समझते हो किसी को अपने आगे- कुछ भी नही। मुट्ठी भी खाली रह जायेगी। जब पहुँचोगे घाट पर। इतना गुरूर अच्छा नहीं। जाना तो सब को है इक दिन। …