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समझा था जिसे अपना। ⋆ KMSRAJ51-Always Positive Thinker
Kmsraj51 की कलम से….. ϒ समझा था जिसे अपना। ϒ समझा था जिसे अपना पराया वो हो गया। साया बना था धूप में वो हमे ही जला गया॥ कुछ दूर तक हमारे साथ चला था। राहों मे अनजानी वो हमें ही तन्हा छोड गया॥ जिसकी खुशी की खातिर हमने सब कुछ लुटा दिया। जिंदगी मे हमारी वो ही …