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क्या ढूँढ रहा रे बन्दें। ⋆ KMSRAJ51-Always Positive Thinker
Kmsraj51 की कलम से….. ϒ क्या ढूँढ रहा रे बन्दें। ϒ क्या ढूँढ रहा रे बन्दें। सब कुछ तेरे पास है॥ चाराे तरफ़ से घिरा है तूँ। रिश्ते नाताे के झंजाल में॥ पैसा गाड़ी बंगला सब है तेरे पास। फिर क्याे तूं रहे उदास॥ फिर क्या नही जिसके लिये तू। इतना परेशान है॥ ढूँढता रहता है तूँ …