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आज मैंने फिर कोई नयी राह पकड़ ली। ⋆ KMSRAJ51-Always Positive Thinker
Kmsraj51 की कलम से….. ϒ आज मैंने फिर कोई नयी राह पकड़ ली। ϒ आज मैंने फिर कोई नयी राह पकड़ ली। कदम अभी बढ़े ही थे। मुसीबतों से घिर गये। पहली मोड़ पर ही हम… आकर जरा ठिठक गये। हर कदम पर जो वृक्ष है। लग रहा नया-नया… ऊबड़-खाबड़ मार्ग भी… नयापन है दिख रहा। पोखर यहाँ …