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शरीर हमारा पिंजड़ा है। ⋆ KMSRAJ51-Always Positive Thinker
Kmsraj51 की कलम से….. ϒ शरीर हमारा पिंजड़ा है। ϒ शरीर हमारा पिंजड़ा है। जिसमें हमारी आत्मा रहती है॥ मिली है कुछ सांसे, पिंजड़े मे रहने की यहाँ॥ एक दिन उड़ जाऊँगी। पिंजड़ा रह जायेगा खाली॥ अभी भी। मैं ख़ुद ही, मुक्ति की कामना अपने स्वर्ग की रचना कर सकती हूँ॥ दिन भर दिन पिंजड़ा परिवर्तित हाे रहा …