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घंटों खिड़की पर खड़ी इंतज़ार वो करती। ⋆ KMSRAJ51-Always Positive Thinker
Kmsraj51 की कलम से….. ϒ घंटों खिड़की पर खड़ी इंतज़ार वो करती। ϒ वो पुराना घर वो पुरानी खिड़की। जिस पर माँ हमेशा खड़ी रहती। मुझे स्कूल मे जाते और फिर स्कूल से आते वो तकती। बाहर कही जाओ तो वो घंटों खिड़की पर खड़ी इंतज़ार वो करती। आँखें उसकी हमेशा मुझे ही ढूँढती रहती। वो खिड़की एक …