kmsraj51.com
रिसता-रिसता सा रिश्ता। ⋆ KMSRAJ51-Always Positive Thinker
Kmsraj51 की कलम से….. ϒ रिसता-रिसता सा रिश्ता। ϒ रिसता-रिसता सा है। आज का हर रिश्ता। टूटा तो नहीं है मगर – जगह-जगह से दरका है रिश्ता। दिल में शिकवे व जुबान पर – शिकायत का है रिश्ता। कटुता का कब रंग दिखा दे – आपको ये रिश्ता। चिकनी चुपड़ी बातों से – फितरत का है ये रिश्ता। …