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सर झुकाना आ जाये...। ⋆ KMSRAJ51-Always Positive Thinker
Kmsraj51 की कलम से….. ϒ सर झुकाना आ जाये…। ϒ 🙂 हिंदी गज़ल – सर झुकाना आ जाये … नज़ाकत-ए-जानाँ1 देखकर सुकून-ए-बे-कराँ2 आ जाये। चाहता हूँ बेबाक इश्क़ मिरे बे-सोज़3 ज़माना आ जाये। मुज़्मर4 तेरी अच्छाई हम-नफ़्स मुझमे, क़िस्मत मिरी। लिखे जब तारीख़े-मुहब्बत5 तो हमारा फ़साना आ जाये। माना हरहाल मुस्कुराते रहना है रिवायत-ए-जवानी6, जुस्तजू इतनी दौर-ए-ग़म7 में रिश्ते …