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धर्म। ⋆ KMSRAJ51-Always Positive Thinker
Kmsraj51 की कलम से….. ϒ धर्म – Religion ϒ जो दृढ राखे धर्म को, नेहि राखे करतार. जहाँ धर्म नहीं, वहां विद्या, लक्ष्मी. स्वास्थ्य आदि का भी अभाव होता है। धर्मरहित स्थिति में बिलकुल शुष्कता होती है, शून्यता होती है. -महात्मा गाँधी पर हित सरिस धर्म नहिं भाई। पर-पीड़ा सम नहिं अधमाई॥ -संत तुलसीदास मनुष्य की धार्मिक …