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मेरे दुश्मन भी शायद मुरीद है मेरे। ⋆ KMSRAJ51-Always Positive Thinker
Kmsraj51 की कलम से….. ϒ मेरे दुश्मन भी शायद मुरीद है मेरे। ϒ मेरे दुश्मन भी शायद मुरीद है मेरे, हर वक़्त बे वक़्त मेरा नाम लिया करते है। मेरी गली से गुज़रते है छिपा कर ख़ंजर, सामने आने पर राम-राम किया करते है। करते है बदनाम मुझे असल मे, ज़माने मे, मेरा नाम किया करते है। बाेलते है मीठा-मीठा, मगर …