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अन्तिम सफर...। ⋆ KMSRAJ51-Always Positive Thinker
Kmsraj51 की कलम से….. ϒ अन्तिम सफर…। ϒ Last Travel आज कश्ती वो खुद की डूबोते रहे। झूठी मुश्कान थी, पर वो रोते रहे॥ लाख हमने मनाया उन्हें प्यार से। पर वो घुट-घुट के आपा को खोते रहे॥ ⇒ स्वाति की उन बून्दों पर….. जरूर पढ़े। इस समां के कभी जो परवाने थे। आज विरानियों के ही होते …