kmsraj51.com
मृत्यु का भय। ⋆ KMSRAJ51-Always Positive Thinker
Kmsraj51 की कलम से….. ϒ मृत्यु का भय। ϒ किसी नगर में एक आदमी रहता था। उसने परदेश के साथ व्यापार किया। मेहनत फली, कमाई हुई और उसकी गिनती सेठों में होने लगी।महल जैसी हवेली बन गई। वैभव और बड़े परिवार के बीच उसकी जवानी बड़े आनंद से बीतने लगी। एक दिन उसका एक संबंधी किसी दूसरे …