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सिखा ना सकी, उम्र भर किताबें मुझे। ⋆ KMSRAJ51-Always Positive Thinker
Kmsraj51 की कलम से….. ϒ सिखा ना सकी, उम्र भर किताबें मुझे। ϒ सिखा ना सकी। उम्र भर किताबें मुझे। कुछ चेहराे काे पढ़ा ताे। बहुत कुछ सीख लिया। कितने लाेगाे काे मिलने से। बहुत से सबक़ सीख लिये। जिनके साथ अकसर हाेते है। बहुत गहरे रिश्ते। देते है अकसर वाे ही जीवन में। दर्द ऐ ज़ख़्म बहुत। …