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मेरे भोले भण्डारी
मेरे भोले भण्डारी, तुम हो कैलाश के वासी, अखंड मंगल हो आता जब दरश तेरा दिख जाता, गंगा पवन धारी चन्द्रमा के भाग्य को तारी, मूषक वाहन दे कर मोर सवारी दे कर, पुत्रों के कार्य सवांरे उनके स्थान हैं धारे…