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shayari – न जाने कब इश्क में इम्तहान आ जाए
शायरी न जाने कब इश्क में इम्तहान आ जाए न जाने कब जिंदगी में तूफान आ जाए जल रहा है ये दीया उस रोशनी के लिए जिसे पाकर बुझने का अरमान आ जाए…