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शायरी – शहर में भागती रही, तू फिर भी न मिला
शायरी कुछ न था तो आंखों में हसीन दुनिया थी अब सबकुछ है तो मेरी वो नजर भी गई शहर में भागती रही, तू फिर भी न मिला तेरी तलाश में कितनी बार ठहर भी गई…